हमसे ऐ मालिक हुई क्या खता
तू बता दे ज़रा
तू बता दे ज़रा
भूल करते हैं सब
उसमें क्या बात है
माफ़ करना तो बस
तेरे हाथ है
जो पथ से भटके होते हम
तो क्या ऐसे होते हम
दिल साफ़ था, और साफ़ है
तू साथ था, क्या अब पास है?
हमसे ऐ मालिक हुई क्या खता
तू बता दे ज़रा
तू बता दे ज़रा
तेरे नाम से जीते थे
तेरे नाम से जीते हैं
कैसे बताएं कितने मुश्किल हैं
ये पल जो ऐसे बीते हैं
जीवन पथ पर ऐसे मौला
परख रहा है क्यूँ?
लिखा होगा शायद ऐसा
समझाते हैं यूँ
ऐ मेरे मौला
तुझसे आये थे, तुझमें ही मिल जाएँ
रहम करना बस इतना.. कि पापों से तर जाएँ
हमसे ऐ मालिक हुई क्या खता
तू बता दे ज़रा
तू बता दे ज़रा




